मुंबई: महाराष्ट्र में कुछ दिन पहले 35 वर्षीय जिस नाई ने कथित तौर पर आत्महत्या करने के उद्देश्य से जहर खाया था, सांगली में गुरुवार को उसकी मौत हो गई। बता दें कि नाई ने अपने 4 साल के बेटे को भी जहर खिला दिया था, लेकिन उसे ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई। नवनाथ सालुंके लॉकडाउन में अपना रोजगार छिनने से परेशान थे और उन्हें लग रहा था कि सलूनकी दुकानें अब जल्दी नहीं खुलेंगी। इसी के चलते उन्होंने यह खतरनाक कदम उठा लिया।
सलून बंद होने से छिन गया था रोजगार
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, कवठे महांकाल तहसील के इराली गांव के निवासी नवनाथ सालुंके की सांगली के सरकारी अस्पताल में मौत हो गई। सालुंके बाल काटने की दुकान पर नाई का काम करते थे लेकिन लॉकडाउन के कारण सलून बंद होने से उसका रोजगार छिन गया था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सैलून की दुकानें जल्दी खुलने के कोई आसार नहीं थे इसलिए सालुंके अवसाद में थे। पैसे खत्म होने के चलते वह कुछ ही दिन पहले अपने गांव इराली आ गए थे।
बेटे को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सालुंके ने आत्महत्या करने के उद्देश्य से जहर खा लिया था और अपने 4 साल के बेटे को भी खिला दिया था। उन्होंने कहा कि मृतक के बेटे को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं, सालुंके ने ICU में कई दिन तक अपनी जिंदगी की जंग लड़ते रहे लेकिन अंत में उन्होंने दम तोड़ दिया। बता दें कि लॉकडाउन के चलते कारोबार पर असर पड़ने या बेरोजगारी से देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों के आत्महत्या की खबरें आई हैं।
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