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नई दिल्ली। एक राष्ट्र, एक कर और एक बाजार की अवधारणा को साकार करने के लिए 1 जुलाई, 2017 को लागू किए गए माल एवं सेवा (जीएसटी) कर को तीन साल पूरे हो चुके हैं। इन तीन सालों के दौरान जीएसटी ने देश में कई तरीकों से कारोबार सुगमता को बढ़ाया है। लेकिन अभी भी रिटर्न फाइलिंग को और आसान बनाए जाने की जरूरत है। इतना ही कर की दरों की जो संख्या है उसे भी कम करने की आवश्यकता है।
ऐतिहासिक जीएसटी व्यवस्था को बहुत सारे केंद्रीय और राज्य करों को समाप्त करने के उद्देश्य के साथ 1 जुलाई, 2017 को लागू किया गया। इसने भारत के अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में बहुत अधिक बदलाव लाया है।
जी॰एस॰टी॰ अब तक का सफ़र ।#3YearsofGST @nsitharaman @ianuragthakur pic.twitter.com/a8JxpI1LK0
— CBIC (@cbic_india) July 3, 2020
सीबीआईसी ने ट्वीटटर पर एक वीडियो जारी कर जीएसटी के तीन साल का सफर बताया है। इसमें बताया गया है कि जीएसटी के तहत 29 जून, 2020 तक कुल 1.29 करोड़ पंजीकृत करदाता हैं। वहीं 29 जून, 2020 तक कुल 46.40 करोड़ रिटर्न्स फाइल किए गए हैं। 29 जून, 2020 तक कुल 907 करोड़ इनवॉइस अपलोड किए गए हैं।
वीडियो में आगे बताया गया है कि 29 जून, 2020 तक 24.96 लाख करोड़ रुपए का पोर्टल के माध्यम से कुल भुगतान किया गया है।
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