नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने विदेशी आकाओं के निर्देश पर देश में अशांति फैलाने के इरादे से, प्रतिबंधित SFJ समूह में सिख युवकों की भर्ती करने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार किया है। अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि 23 वर्षीय परगट सिंह पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब का रहने वाला है और उसे रविवार को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि सिंह को सोमवार को मोहाली स्थित स्पेशल NIA कोर्ट के समक्ष पेश किया गया और अदालत ने 29 जून तक के लिए उसकी हिरासत जांच एजेंसी को दे दी।
‘SFJ की गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश कर रहा था’
अधिकारी ने बताया कि सिंह प्रमुख साजिशकर्ता और कट्टरपंथी सिख युवकों की भर्ती का काम करता था। वह विदेश में बैठे आकाओं के निर्देश पर सिख फॉर जस्टिस (SFJ) की गतिविधियों को देश में बढ़ाने का प्रयास कर रहा था। एसएफजे को देश में गैर कानूनी गतिविधियां निरोधक अधिनियम (UAPA) के तहत गैरकानूनी घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि अमृतसर शहर के सुल्तानविंद पुलिस थाने में वर्ष 2018 में भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान यूएपीए और सशस्त्र कानून की धाराएं भी जोड़ी गईं।
‘2018 में पंजाब में हिंसा की घटनाओं से जुड़ा है मामला’
अधिकारी ने बताया कि पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार 11 आरोपियों के खिलाफ मार्च 2019 में आरोप पत्र दाखिल किया। एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि इसके आधार पर एनआईए ने इस साल 5 अप्रैल को दोबारा मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि यह मामला 2017-18 के बीच पंजाब में हुई हिंसा की कई घटनाओं और आगजनी, ऑनलाइन और अन्य माध्यमों से दुष्प्रचार और एसएफजे के समर्थन के लिए अभियान चलाने से जुड़ा है।
‘सिंह को विदेशी आकाओं से मिला पैसा’
अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी के अन्वेषण दायरे में विदेश में बैठे एसएफजे के आकाओं के निर्देश और वित्तीय मदद से कट्टरपंथी युवकों द्वारा दिल्ली और पंजाब के विभिन्न हिस्सों में पोस्टर लगाने का मामला भी शामिल है। उन्होंने बताया कि सिंह सहित आरोपियों को विभिन्न माध्यमों से विदेशी आकाओं से धन मिला। एनआईए ने कहा कि मामले की जांच जारी है।
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