नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अपनी नीतिगत दरों में कटौती करने के बाद सरकार ने लघु बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज दर में भारी कटौती कर दी है। सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही के लिए लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को संशोधित किया है और इनमें 70 से 140 आधार अंकों की कटौती की है। कोरोना वायरस की वजह से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए आरबीआई ने हाल ही में रेपो रेट में 75 आधार अंकों की बड़ी कटौती का ऐलान किया है। रेपो रेट घटकर अब 4.4 प्रतिशत हो गया है।
सरकार ने पब्लिक प्रोविडेंट फंड पर मिलने वाले ब्याज दर में 80 आधार अंकों की कटौती की है और अप्रैल-जून तिमाही में इस पर 7.1 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। इससे पहले पीपीएफ पर ब्याज की दर 7.9 प्रतिशत थी। इसी प्रकार राष्ट्रीय बचत पत्र पर ब्याज की दर 110 आधार अंक घटाकर 6.8 प्रतिशत कर दी गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेटियों को बचाने और पढ़ाने वाली महत्वाकांक्षी योजना सुकन्या समृद्धि योजना पर भी ब्याज की दर को घटा दिया गया है। अप्रैल-जून तिमाही में सुकन्या समृद्धि योजना पर 7.6 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। इससे पहले इस पर ब्याज की दर 8.4 प्रतिशत थी।
इसी प्रकार किसान विकास पत्र पर 70 आधार अंकों की कटौती के बाद ब्याज दर 6.9 प्रतिशत कर दी गई है। इसकी परिवक्ता अवधि भी घटाकर 124 महीने कर दी गई है। 5 साल की वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर ब्याज की दर 120 आधार अंक घटाकर 7.4 प्रतिशत कर दी गई है, जो पहले 8.6 प्रतिशत थी। बचत खातों पर मिलने वाली ब्याज दर 4 प्रतिशत को यथावत रखा गया है। वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर मिलने वाले ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर किया जाता है।
31 दिसंबर, 2019 को सरकार ने लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों को यथावत रखा था। वहीं 113 महीने की परिपक्वता अवधि वाले किसान विकास पत्र पर ब्याज दर को 7.6 प्रतिशत पर यथावत रखा था। लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर की समीक्षा प्रत्येक तिमाही पर की जाती है।
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