नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में आज से महाकर्फ्यू लगाया जा रहा है। इस महाकर्फ्यू से पहले गुरुवार को जिला कलेक्टर राजेन्द्र भट्ट और पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र महावर ने 50 मोटरसाइकिल सवार विशेष पुलिस दल के साथ शहर में फ्लैग मार्च किया। महाकर्फ्यू के लिए भीलवाड़ा शहर में आरएसी, पुलिस, होमगार्ड और एसडीआरएफ के 3 हजार जवान तैनात किये गए हैं। इस दौरान किसी को भी घर से बाहर निकले की इजाजत नहीं है। इसके लिए एनजीओ व मीडिया को जारी पास भी निरस्त कर दिए गए हैं। यह सख्ती तीन अप्रैल से 13 अप्रैल के लिए होगी।
उल्लेखनीय है कि भीलवाड़ा राजस्थान में कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों के कारण चर्चा में आया है। राज्य के 30 प्रतिशत से अधिक मामले इसी शहर में आए हैं। शहर के लोगों से इस दौरान पूरी तरह से घरों में रहने को कहा जा रहा है और जिला प्रशासन ने सभी जरूरी सेवाएं घरों पर ही देने की समय सारिणी बनाई है।
भीलवाड़ा के जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने कहा ‘‘तीन अप्रैल से 10 दिन के लिए लोगों को घरों में ही रहना होगा। हम मीडिया व गैर सरकारी संगठनों एनजीओ व अन्य लोगों को जारी सभी पास रद्द करने जा रहे हैं।’’ इस सख्ती के दौरान लोगों को जरूरी सेवाओं की आपूर्ति एक तय समय सारिणी के अनुसार ही होगी।
उन्होंने कहा कि आवश्यक सामान खरीदते समय भी लोगों को 'सामाजिक दूरी' का कड़ाई से पालन करना होगा अन्यथा सामान आपूर्ति करने वाली वैन को वहां से हटा लिया जाएगा और फिर यह वैन या वाहन पांच दिन बाद ही आएगा। भट्ट ने कहा कि शहर सर्वेक्षण-स्क्रीनिंग का पहला चरण सफल रहा क्योंकि सकारात्मक मामलों की संख्या में कोई महत्वपूर्ण वृद्धि नहीं हुई।
भीलवाड़ा राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों के कारण राज्य सरकार के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। यहां एक निजी अस्पताल के तीन डॉक्टरों और नौ नर्सिंगकर्मी शुरू में पाजिटिव पाये गए। इसके बाद जो भी मामले सामने आये हैं उनमें से ज्यादातर या तो इस अस्पताल के कर्मचारी हैं या यहां इलाज के लिए आए लोग हैं।
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