हैदराबाद। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को यहां केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एंव सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) पर लोगों की बुनियादी समस्याओं को समझे और हल करें और मुझे वापस रिपोर्ट करें। सीतारमण को हैदराबाद में दो अलग-अलग सत्रों में उद्योग, व्यापारियों, अर्थशास्त्रियों, शिक्षाविदों और नीति विशेषज्ञों के प्रतिनिधियों के साथ बजट के बाद के संवाद सत्र के लिए आमंत्रित किया गया था।
सीतारमण ने कहा कि सीबीआईसी को जिला मुख्यालय का रुख करना चाहिए और तेलंगाना के नागरिकों की समस्याओं को हल करना चाहिए। केंद्रीय वित्त मंत्री ने सीबीआईसी के शशिधर राव को निर्देशित करते हुए कहा, 'मैं चाहता हूं कि सीबीआईसी और पूरी टीम हर जिला मुख्यालय पर जाए और जीएसटी पर लोगों की बुनियादी समस्याओं को समझे और उनका समाधान करके मुझे वापस रिपोर्ट करें।' जीएसटी फाइलिंग और प्रक्रिया में तकनीकी मुद्दों के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अप्रैल तक सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि, 'जीएसटी काउंसिल में न केवल केंद्र सरकार, बल्कि राज्य सरकार के मंत्री भी शामिल हैं। हर बार किसी भी सामान या सेवाओं पर जीएसटी में वृद्धि या कमी होती है, राज्य के मुख्यमंत्रियों को बोर्ड में जरूरी शामिल होना चाहिए।'
बजट में नहीं हुआ है एफआरबीएम कानून का उल्लंघन: सीतारमण
वित्त मंत्री सीतारमण ने रविवार को कहा कि 2020-21 के बजट को राजकोषीय जवाबदेही और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) कानून को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें एुआरबीएम कानून का उल्लंघन नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जीएसटी से जुड़ी एक सरलीकृत व्यवस्था एक अप्रैल से शुरू होगी और जो तकनीकी खामियां हैं, वो पूरी तरह दूर होंगी। (इनपुट- एएनआई/भाषा)
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